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Bihar News: रामनगर में तेंदुए का आतंक, गांव में घुसकर दो बकरियों को बनाया शिकार

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पश्चिम चंपारण के रामनगर क्षेत्र में तेंदुए ने गांव में घुसकर दो बकरियों को मार डाला। घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है और वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

बेतिया/आलम की खबर:पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक ने ग्रामीणों के बीच दहशत फैला दी है। गुदगुदी पंचायत के सेवरही बरवा गांव में शनिवार देर शाम एक तेंदुआ जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया और घर के बाहर बंधी दो बकरियों को अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीण रातभर जागकर अपने परिवार और पशुओं की सुरक्षा में जुटे रहे। बच्चों और महिलाओं में सबसे ज्यादा डर देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार गांव निवासी केशव यादव ने अपनी दो बकरियों को घर के बाहर बांध रखा था। देर शाम अचानक जंगल की ओर से आए तेंदुए ने दोनों बकरियों पर हमला कर दिया। जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, तब तक तेंदुआ दोनों जानवरों को मार चुका था। ग्रामीणों की हलचल बढ़ते ही तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी आसपास के जंगलों में जंगली जानवरों की गतिविधियां देखी थीं, लेकिन इस तरह गांव में घुसकर तेंदुए द्वारा हमला किए जाने की घटना पहली बार सामने आई है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें अपने बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने पशुओं को घरों के अंदर बांधना शुरू कर दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। चिउटाहा वन क्षेत्र के रेंजर अमित कुमार के निर्देश पर वन विभाग की टीम रात में ही गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आसपास के इलाके में जांच की, जहां उन्हें तेंदुए के पगचिह्न भी मिले। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए की ट्रैकिंग शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि भोजन और पानी की तलाश में तेंदुआ जंगल से निकलकर गांव की ओर पहुंचा होगा।

वन विभाग ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग की ओर से कहा गया है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें और छोटे पशुओं को खुले स्थानों पर न बांधें। ग्रामीणों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कहीं तेंदुआ दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें और खुद उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें।

घटना के बाद गांव में भय का माहौल साफ देखा जा रहा है। कई लोग रात में लाठी-डंडों के साथ पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने तेंदुए को नहीं पकड़ा तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने वन विभाग से इलाके में लगातार गश्त करने और जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है। जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने और विशेष रेस्क्यू टीम बुलाने की तैयारी भी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि जंगली जानवर घबराने की स्थिति में हमला कर सकते हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों का दायरा कम होने और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं। खासकर गर्मी के मौसम में पानी और भोजन की तलाश में तेंदुए जैसे शिकारी जानवर गांवों तक पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि जंगल से सटे इलाकों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

वन विभाग ने यह भी बताया कि सरकार की ओर से जंगली जानवरों के हमले में हुए नुकसान पर मुआवजा देने का प्रावधान है। यदि किसी व्यक्ति या पशु को नुकसान पहुंचता है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर राहत राशि प्राप्त की जा सकती है। विभाग समय-समय पर ग्रामीणों को वन्य जीवों से बचाव और सतर्कता को लेकर जागरूक भी करता है।

इस घटना के बाद आसपास के गांवों में भी डर का माहौल बन गया है। लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। कई गांवों में ग्रामीण सामूहिक रूप से पहरा दे रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले कभी-कभार जंगली जानवर खेतों तक आते थे, लेकिन अब आबादी वाले इलाके तक पहुंचना बेहद चिंताजनक है।

फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर रही है। अब लोगों की नजर वन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर कब तक तेंदुए को पकड़कर इलाके को सुरक्षित बनाया जाएगा।

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